Software Kya Hai? सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है?

Software Kya Hai: शायद ही कोई इंसान हो जिसने सॉफ्टवेयर का नाम ना सुना हो, हालाँकि अधिकतर इंसानो को सॉफ्टवेयर के बारे में अधिक जानकारी नहीं होती है| काफी सारे लोगो के मन में सॉफ्टवेयर के बहुत सारे सवाल होते है जैसे सॉफ्टवेयर क्या होता है? ( Software Kya hai)  सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है? सॉफ्टवेयर कैसे बनते है? और सॉफ्टवेयर कौन बनाता है? इत्यादि| वैसे अधिकतर इंसान सोचते है की सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कंप्यूटर में ही किया जाता है हालाँकि यह सच नहीं है वर्तमान समय में कंप्यूटर से लेकर ऑनलाइन रेलवे टिकट बुकिंग तक बहुत सारी चीजों में सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है| कंप्यूटर के बारे सभी अच्छी तरह से जानते है इसीलिए हम आपको कंप्यूटर के माध्यम से ही सॉफ्टवेयर के बारे में समझाने की कोशिश करेंगे|

प्राचीन समय में जब कंप्यूटर नहीं थे तब इंसान को लिखने पढ़ने के बहुत सारे कामो को करने में बहुत ज्यादा समय लगता था और इसके साथ साथ पैसे भी बहुत ज्यादा खर्च होते थे| जैसे उस समय पर बिजनेसमैन को अपने बिजनेस के लेन देन का विवरण रखने के लिए किसी को रखना पढता था, पूरे महीने का हिसाब करने में उस इंसान को समय भी ज्यादा लगता था और गलती होने की सम्भावना भी काफी ज्यादा रहती थी लेकिन कंप्यूटर आने के बाद यह काम बेहद कम समय में हो जाता है और गलती होने की संभावना भी नहीं होती है|

वर्तमान के समय में सॉफ्टवेयर के बिना जीवन काफी ज्यादा मुश्किल हो सकता है, मोबाइल का इस्तेमाल सभी लोग करते है लेकिन क्या आप जानते है की बिना सॉफ्टवेयर के आपका मोबाइल ऑन भी नहीं होगा| जिन लोगो को सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी नहीं होती है उनमे कुछ लोग सोचते है की सॉफ्टवेयर को देख या छू सकते है तो हम आपको बता दें की सॉफ्टवेयर को आप देख या छू नहीं सकते है,  सॉफ्टर का हिंदी अर्थ संचालन प्रणाली होता है।

सॉफ्टवेयर क्या है (Software Kya Hai)? – What is Software in Hindi

सॉफ्टवेयर को आप कई सारे प्रोग्राम्स का संग्रह कह सकते है, कंप्यूटर, लेपटॉप या मोबाइल बिना सॉफ्टवेयर के काम नहीं करते है| कंप्यूटर को संचालित करने और विशेष कामों को करने के लिए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया जाता है, कंप्यूटर हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर के माध्यम से चलता है| हार्डवेयर को आप देख सकते है छू सकते है लेकिन सॉफ्टवेयर को ना देख सकते ना ही छू सकते है| लेकिन बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर को चलाना नामुमकिन है, कंप्यूटर में अलग अलग कामो को करने के लिए अलग सॉफ्टवेयर होते है| जिन्हे इस्तेमाल करने के लिए आपको सबसे पहले अपने कम्प्यूटर में अपनी जरुरत के सॉफ्टवेयर इंस्टाल करने पढ़ते है| MS-WORDऔर VLC Player इत्यादि सॉफ्टवेयर के उदहारण है|

सॉफ्टवेयर कौन बनाता है?

ऊपर आपने पढ़ा की सॉफ्टवेयर क्या होता है? (Software Kya hai)  कुछ लोगो को मन में यह सवाल भी आता है की सॉफ्टवेयर का निर्माण कौन करता है या सॉफ्टवेयर को कौन बनाता है? चलिए हम आपको बताते है की सॉफ्टवेयर कौन बनाता है दरसल सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट कम्पनी में सॉफ्टवेयर बनाए जाते है और सॉफ्टवेयर का निर्माण सॉफ्टवेयर डेवलपर करते है| सॉफ्टवेयर डेवलपर सबसे पहले कस्टमर की ज़रूरत के बारे में पूछते है फिर कस्टमर के हिसाब से सॉफ्टवेयर बनाकर कस्टमर को दे देते है| चलिए अब हम आपको बताते है की सॉफ्टवेयर काम कैसे करता है?

सॉफ्टवेयर काम कैसे करता है?

यह तो आप समझ ही गए होंगे की सॉफ्टवेयर का निर्माण सॉफ्टवेयर डेवलपर करते है, कुछ लोगो के मन में यह सवाल भी आता है की सॉफ्टवेयर को हम देख नहीं सकते है और छू नहीं सकते है फिर सॉफ्टवेयर काम कैसे करता है? सॉफ्टवेयर का निर्माण किसी विशेष काम के लिए किया जाता है, दरसल यह सच है की सॉफ्टवेयर को आप देख या छू नहीं सकते है लेकिन इसके पीछे काफी काम होता है| आपको सॉफ्टवेयर का काम दीखता है लेकिन सॉफ्टवेयर के काम करने के पीछे कोडिंग भी होती है जो दिखाई नहीं देती है| किसी भी सॉफ्टवेयर को बनाने के लिए प्रोग्रामिंग लेंगुएज की मदद ली जाती है, बिना प्रोग्रामिंग लैंग्वेज की मदद के सॉफ्टवेयर नहीं बनाया जा सकता है|

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सॉफ्टवेयर डेवलपर कस्टमर की जरुरत के हिसाब से सॉफ्टवेयर की प्रोग्रामिंग बनाता है, सरल भाषा में समझे तो आपने ऑनलाइन बहुत सारी वेबसाइट देखी होगी जैसे ऑनलाइन शॉपिंग, न्यूज़ वेबसाइट और फेसबुक इत्यादि इन सभी वेबसाइट पर आप बहुत सारे काम करते है वो सभी काम सॉफ्टवेयर की मदद से होते है, इसके अलावा कंप्यूटर में गेम खेलने से लेकर गाने सुनना या वीडियो देखना भी सॉफ्टवेयर की मदद से होता है| असल में किसी सॉफ्टवेयर के बैकेंड में प्रोग्रामिंग की जाती है, प्रोग्रामिंग ही सॉफ्टवेयर को चलाती है और यूजर के द्वारा दी गई टास्क को पूरा करती है| सॉफ्टवेयर के बैकेंड में की गई प्रोग्रामिंग दिखाई नहीं देती है| 

सॉफ्टवेयर के प्रकार

ऊपर आपने सॉफ्टवेयर के बारे में पढ़ा, अब हम आपको सॉफ्टवेयर के प्रकार के बारे में बताने जा रहे है| काफी सारे लोगो यह नहीं पता होता है की सॉफ्टवेयर कितने प्रकार के होते है, अगर आप भी ऐसे लोगो में शामिल है तो नीचे हम आपको सॉफ्टवेयर के प्रकारो के बारे में बता रहे है

1 – सिस्टम सॉफ्टवेयर

सिस्टम सॉफ्टवेयर के बारे काफी लोग अच्छी तरह से जानते है, खासतौर कंप्यूटर का इस्तेमाल करने वाले इंसान, दरसल सिस्टम सॉफ्टवेयर हार्डवेयर पार्ट्स को काम करने की परमिशन देता है, इसके आलावा सिस्टम सॉफ्टवेयर एप्लीकेशन को चलाने में भी अहम् रोल निभाता है| सिस्टम सॉफ्टवेयर की संरचना बहुत ज्यादा जटिल होती है और बिना सिस्टम सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर काम नहीं करता है| सिस्टम सॉफ्टवेयर कई प्रकार के होते है जिनके बारे में हम आपको नीचे बता रहे है

ऑपरेटिंग सिस्टम

बिना ऑपरेटिंग सिस्टम के आप कंप्यूटर या मोबाइल का इस्तेमाल नहीं कर सकते है, अगर आपके कंप्यूटर या मोबाइल में ऑपरेटिंग सिस्टम मौजूद नहीं है तो लैपटॉप या कंप्यूटर या मोबाइल स्टार्ट या ओपन ही नहीं होगा| आसान भाषा में समझे तो जब भी आप कीबोर्ड से कोई कमांड देते है तो आपके द्वारा दी गई कमांड या टास्क ऑपरेटिंग सिस्टम के पास पहुँचती है, फिर ऑपरेटिंग सिस्टम उस टास्क या कमांड को पूरा करके आपके कंप्यूटर या लेपटॉप पर शो करता है| मोबाइल में चलने वाले ऑपरेटिंग सिस्टम को एंड्राइड या आईओएस कहा जाता है, शायद ही कोई इंसान हो जिसने विंडोज का नाम ना सुना तो हम आपको बता दें की विंडोज लेपटॉप या कंप्यूटर का ऑपरेटिंग सिस्टम है| वर्तमान समय में कई सारे ऑपरेटिंग सिस्टम देखने को मिलते है|

फर्मवेयर

कंप्यूटर में कई सारे डिवाइस और कॉम्पोनेन्ट ऐसे होते है जिनमे फर्मवेयर होता है, फर्मवेयर एक डिवाइस को दूसरे डिवाइस से इंटरेक्ट करने में मदद करता है और फर्मवेयर को आप आसानी से अपडेट कर सकते है| 

डिवाइस ड्राइवर्स

कंप्यूटर में आपको कई सारे ड्राइवर्स देखने को मिलते है, वैसे तो आपको डिवाइस ड्राइवर्स के नाम से ही पता चल रहा होगा की इनका इस्तेमाल डिवाइस के लिए किया जाता है| दरसल कंप्यूटर से कई सारे डिवाइस ऑपरेट होते है जैसे वीडियो कार्ड, माउस, साउंड कार्ड, USB पोर्ट, कीबोर्ड, स्पीकर इत्यादि| इन सभी डिवाइस को ऑपरेट या चलाने के लिए ड्राइवर्स की जरुरत है जिन्हे डिवाइस ड्राइवर्स के नाम से जाना जाता है| डिवाइस ड्राइवर्स को आप ऐसे छोटे प्रोग्राम भी कह सकते है जो ऑपरेटिंग सिस्टम और कंप्यूटर को कम्यूनिकेट करने की अनुमति देता है| अगर आपके कंप्यूटर में डिवाइस ड्राइवर्स नहीं होते है तो आप डिवाइस का इस्तेमाल बिलकुल नहीं कर सकते है और हर एक डिवाइस का अलग ड्राइवर होता है|

यूटिलिटीज

कंप्यूटर में मौजूद हार्डवेयर, ऑपरेटिंग सिस्टम और एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को सुरक्षा प्रदान करने का काम यूटिलिटीज सॉफ्टवेयर ही करते है| यूटिलिटीज सॉफ्टवेयर को आप सर्विस प्रोग्राम भी कह सकते है और इनका हार्डवेयर से सीधा संपर्क नहीं होता है, इस तरह के सॉफ्टवेयर के उदाहरण जैसे एंटीवायरस मैलवेयर सॉफ्टवेयर और हार्ड ड्राइव क्लीनअप इत्यादि है|

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2एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

ऊपर आपने यूटिलिटीज सॉफ्टवेयर के बारे में जाना, अब हम आपको सॉफ्टवेयर के दूसरे प्रकार यानी एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के बारे जानकारी दे रहे है| एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को आमतौर पर ऍप के नाम से पुकारा जाता है, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को आप जब चाहे इनस्टॉल और अनइंस्टाल आसानी से कर सकते है और इनका इस्तेमाल किसी विशेष काम के लिए किया जाता है| एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर यूजर को विशेष काम करने की अनुमति प्रदान करते है, एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के प्रमुख उदाहरण –  माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस, एडोब फोटोशॉप, विडियो एडिटर, कोरल ड्रा और स्प्रेडशीट इत्यादि है| माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस का इस्तेमाल लगभग सभी करते है, माइक्रोसॉफ्ट के अंदर कई सारे अलग अलग प्रोग्राम है जैसे वर्ड, एक्सेल शीट, पॉवर पॉइंट इत्यादि जिनका इस्तेमाल अलग अलग कामो के लिए किया जाता है| फोटो और वीडियो को एडिट करने के लिए एडोब फोटोशॉप या कई अन्य अप्प का इस्तेमाल किया जाता है| चलिए अब हम आपको एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर के प्रकारो के बारे में बताते है, आमतौर पर एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर को दो कैटेगरी में बांटा गया है, जिनके बारे में हम नीचे जानकारी दे रहे है

जनरल पर्पस सॉफ्टवेयर

आपको नाम से ही पता चल रहा होगा की इस तरह के एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल रोजमर्रा के कार्यों को पूरा करने के लिए किया जाता है| जनरल पर्पस सॉफ्टवेयर को चलाना सभी को आना जरुरी है जैसे मल्टीमीडिया ऍप का इस्तेमाल काफी ज्यादा किया जाता है|

स्पेशल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर

स्पेशल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल विशेष कार्यों के लिए किया जाता है और इन सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल रोजमर्रा के कार्यों के लिए नहीं होता है| स्पेशल एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर बहुत सारे होते है, जिनमे कुछ प्रमुख सॉफ्टवेयर के बारे में हम आपको नीचे जानकारी दे रहे है

एक्टिविटी मैनेजमेंट सॉफ्टवेयर – इस एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर का उपयोग कैलेंडर्स और एड्रेस बुक्स जैसे प्रोग्राम को बनाने में किया जाता है|

वर्ड प्रॉसेसिंग सॉफ्टवेयर – माइक्रोसॉफ्ट वर्ड का इस्तेमाल आज के समय में सबसे ज्यादा किया जाता है अगर आपको कोई भी अट्रैक्टिव डॉक्यूमेंट बनाना है तो यह एप्लीकेशन सबसे बेहतरीन विकल्प है|

प्रेसन्टेशन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर – कॉलेज से लेकर ऑफिस तक के लोगो को प्रेजेंटेशन की जरुरत पढ़ती है, अगर आपको अपने ऑफिस या कॉलेज के लिए स्लाइड प्रेजेंटेशन की जरुरत है तो आप इस सॉफ्टवेयर पर आसानी से अट्रैक्टिव प्रेजेंटेशन बना सकते है|

ग्राफिक्स एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर – इस तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल फोटोज बनाने के लिए किया जाता है, इसमें आप आसानी से फोटो को एडिट क्रॉप इत्यादि कर सकते है|

कम्युनिकेशन प्रोग्राम सॉफ्टवेयर – वर्तमान समय में बहुत सारे ऐसे एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर मौजूद है जिनकी मदद से आप आसानी से टेक्स्ट मैसेज ऑडियो या वीडियो मैसेज भेज सकते है|

वीडियो एडिटर सॉफ्टवेयर – इस तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल वीडियो बनाने के लिए किया जाता है, इन एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर में बहुत सारे ऐसे फीचर दिए जाते है जिनकी मददसे आप आसानी से वीडियो को शानदार बना सकते है|

3 – प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर

प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल प्रोग्रामर ही करते है, आम लोगो को प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी कम ही होती है| काफी सारे या कहे अधिकतर प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल प्रोग्रामिंग लेंगुएज के लिए होता है, चलिए अब हम आपको कुछ प्रोग्रामिंग सॉफ्टवेयर के बारे में जानकारी दे रहे है

कम्पाइलर सॉफ्टवेयर – आम इंसान कम्पाइलर के बारे में कम ही जानते है, जब हम कंप्यूटर में कुछ भी टाइप करते है तो कम्पाइलर आपके द्वारा टाइप किए गए कोड को मशीन कोड तक पहुंचाने के साथ साथ हार्डवेयर को समझाने में मदद करता है|

डिबगर सॉफ्टवेयर – इस तरह के सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल कंप्यूटर के अंदर मौजूद डिबग की समस्या को ढूंढ़ने में और उन्हें समाप्त करने के काम आता है|

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मैलवेयर सॉफ्टवेयर – मैलवेयर का नाम अधिकतर लोगो ने सुना होगा क्योंकि मैलवेयर से सम्बंधित न्यूज़ आए दिन सुनने को मिल जाती है| वर्तमान में मैलवेयर के काफी सारे एक्साम्प्ल जैसे वायरस और ट्रोजन्स इत्यादि देखने को मिलते है, मैलवेयर वायरस काफी खतरनाक वायरस होता है, अगर यह वायरस आपके कंप्यूटर में आ जाता है तो कंप्यूटर का हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर सही तरीके से काम नहीं कर पाता है, कई बार तो वायरस की वजह से कंप्यूटर या लैपटॉप ओपन भी नहीं हो पाता है|

सॉफ्टवेयर के फायदे

वर्तमान समय में घरो से लेकर दुकान या ऑफिस तक हर जगह आपको कंप्यूटर देखने को मिल जाएंगे| हालाँकि हर जगह कंप्यूटर का इस्तेमाल अलग अलग कामो में किया जाता है, कंप्यूटर में अपनी जरुरत के हिसाब से सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके काम किया जाता है जैसे गेम लवर्स गेम के सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके गेम खेलते है, ऑफिस वाले ऑफिस के काम से सम्बंधित सॉफ्टवेयर इंस्टाल करके काम करते है| सॉफ्टवेयर के फायदे बहुत सारे होते है, जिनमे कुछ फायदों के बारे में हम आपको बताने जा रहे है 

1 – एजुकेशन से रिलेटेड सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल स्कूल, कॉलेज और कोचिंग के साथ साथ बच्चो की पढाई के लिए किया जाता है, बहुत सारे सॉफ्टवेयर ऐसे भी आते है जिनकी मदद से छोटे बच्चो को पढ़ने में मदद मिलती है|

2 – पुराने जमाने में रेलवे के टिकट बनाने में बहुत ज्यादा समय लगता था, लेकिन रेलवे का ऑनलाइन सॉफ्टवेयर यानि वेबसाइट लॉन्च हुई तब से रेलवे का काम आसान होने के साथ साथ आम इंसानो को भी बहुत ज्यादा लाभ पहुँचा है| आज आप आसानी से घर बैठे रेलवे का टिकट बुक कर सकते है|

3 – मेडिकल से सम्बंधित सॉफ्टवेयर आने के बाद हॉस्पिटल और मेडिकल ट्रीटमेंट में काफी ज्यादा लाभ मिला है| बहुत सारी एप्लीकेशन उपलब्ध है जिनकी मदद से आप ऑनलाइन डॉक्टर से परामर्श या अपॉइंटमेंट बुक कर सकते है, इसके अलावा ऑनलाइन मेडिसिन भी मंगवा सकते है|

4 – वर्तमान में सॉफ्टवेयर की मदद से आप आसानी से घर बैठे अपनी जरुरत का सामान ऑनलाइन मँगा सकते है, फ्लिपकार्ट, स्नेपडील, बिगबास्केट जैसी बहुत सारी वेबसाइट या एप्लीकेशन ऑनलाइन शॉपिंग की सुविधा उपलब्ध कराती है|

5 – सॉफ्टवेयर की मदद से मौसम के बारे में जानकारी मिलती है, मौसम विभाग वाले सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करके टेम्परेचर और स्टॉर्म इत्यादि चीजों की जानकारी प्राप्त करने के लिए करते है|

सॉफ्टवेयर की जरुरत क्यों पढ़ती है?

यह तो आप अच्छी तरह से समझ ही गए होंगे की बिना सॉफ्टवेयर के कंप्यूटर बेकार है, इसीलिए कंप्यूटर को चलाने के लिए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया| सबसे पहले कंप्यूटर को ओपन करने के लिए ऑपरेटिंग सिस्टम को बनाया गया, विंडोज का नाम तो आपणेसुना ही होगा विंडोज एक ऑपरेटिंग सिस्टम है जिसके बिना लेपटॉप या डेस्कटॉप को ओपन नहीं किया जा सकता है| फिर उसके बाद कंप्यूटर में गाने सुनने के लिए, वीडियो देखने के लिए या गेम खेलने के लिए इत्यादि कामो को करने के लिए अलग अलग सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया| फिर बिजनेस या ऑफिस के कामो के लिए कंप्यूटर का इस्तेमाल करने की शुरुआत की गई, ऑफिस या बिजनेस कामो को आसान करने के लिए अलग अलग सॉफ्टवेयर का निर्माण हुआ| धीरे धीरे कंप्यूटर ऑफिस के बहुत सारे काम बेहद कम समय में सफल रहा, आसान भाषा में समझे तो जैसे जैसे कस्टमर या इंसानो की जरुरत बढ़ती गई वैसे वैसे नए नए सॉफ्टवेयर का निर्माण किया गया| समय समय सॉफ्टवेयर को अपडेट करना पढता है क्योंकि सॉफ्टवेयर बनाने वाली कम्पनी लगातार अपने सॉफ्टवेयर को पहले से बेहतर बनाने की कोशश करती है, जब भी सॉफ्टवेयर में कोई नई अपडेट आती है तो कम्पनी उस सॉफ्टवेयर के अपडेट वर्जन को लॉन्च कर देती है, अपडेट सॉफ्टवेयर का लाभ लेने के लिए बस आपको उस सॉफ्टवेयर को अपडेट करना होता है|

निष्कर्ष –

हम आशा करते है की आपको हमारे लेख सॉफ्टवेयर क्या है?( Software Kya hai) में दी गई जानकारी पसंद आई होगी, अंत में हम आपको सलाह देंगे की वर्तमान में अगर आपको किसी भी सॉफ्टवेयर की जरुरत हो या आप किसी सॉफ्टवेयर को इंस्टाल करना चाहते है तो हमेशा ऑफिसियल वेबसाइट से ही डाउनलोड करें क्योंकि आज के समय में धोखा धड़ी बहुत ज्यादा हो गई है|

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